मेडिकल में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा नेशनल ऐंट्रेंस एलिजिबिलटी टेस्ट (नीट) पर केन्द्र सरकार दो दिनों में अपना रुख स्पष्ट कर देगी। हालांकि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि इस वर्ष नीट के तहत मेडिकल परीक्षा की संभावना कम है। सीधे तौर पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस संबंध में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
सोमवार को राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ हुई बैठक में ज्यादातर राज्यों ने इस वर्ष नीट के तहत परीक्षा नहीं कराने के पक्ष में अपनी दलील दी थी। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे.पी.नड्डा ने अमर उजाला को बताया कि दो दिनों में केन्द्र की सरकार अपना निर्णय ले लेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय मेडिकल में दाखिले के लिए नीट के तहत संयुक्त परीक्षा कराने के पक्ष में हैं। राज्यों की आपत्ति और कई सांसदों और राजनीतिक दलों के सवालों के बाद केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इस वर्ष नीट के तहत परीक्षा नहीं कराने का मन करीब-करीब बना लिया है।
सभी पक्षों की राय ले ली गई है और अब इस पर बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक संभव है, जिसके बाद केन्द्र सरकार अपना निर्णय ले लेगी। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक के दौरान स्पष्ट कहा था कि उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में इतना कम समय में नीट के तहत मेडिकल की संयुक्त परीक्षा संभव नहीं है। यदि ऐसा होता है स्टेट बोर्ड के छात्रों को बेहद नुकसान होगा और इसके लिए राज्य तैयार नहीं है।
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
source : http://www.amarujala.com/
0 comments:
Post a Comment